राजपूत राजवंश और मध्यकाल

गुर्जर-प्रतिहार वंश: 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच इस वंश ने अरब आक्रमणकारियों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई और 'मारू-गुर्जर' वास्तुकला को बढ़ाया। [1] मेवा

507 Head संपादकीय टीमUpdated: 3 नवंबर 20263 नवंबर 2026 • 4 मिनट पठन
राजपूत राजवंश और मध्यकाल

फोटो विवरण: राजपूत राजवंश और मध्यकाल

  • गुर्जर-प्रतिहार वंश: 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच इस वंश ने अरब आक्रमणकारियों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई और 'मारू-गुर्जर' वास्तुकला को बढ़ाया। [1]

  • मेवाड़ का इतिहास: गुहिल और सिसोदिया वंश ने मेवाड़ पर शासन किया। बप्पा रावल, राणा कुंभा, राणा सांगा और वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जैसे प्रतापी राजा यहाँ हुए। 1576 का हल्दीघाटी का युद्ध (महाराणा प्रताप और मानसिंह/मुगलों के बीच) भारतीय इतिहास की प्रमुख घटना है। [1, 2]

  • चौहान वंश: 6th से 12th शताब्दी में सांभर और अजमेर के चौहान वंश के राजा पृथ्वीराज चौहान (तृतीय) ने तराइन के युद्ध (1191-1192) लड़े। [1, 2]

  • अन्य प्रमुख युद्ध: 1527 का खानवा का युद्ध (बाबर और राणा सांगा के बीच) भी इसी धरती पर लड़ा गया। [1]

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